कम बारिश की आशंका पर प्रशासन अलर्ट, फसल-पानी संकट से निपटने बनी रणनीति

कोरबा।मौसम विभाग द्वारा मानसून सीजन में सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद कोरबा जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। संभावित सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समय-सीमा की बैठक में सभी विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने फसल उत्पादन, पेयजल उपलब्धता, खाद्यान्न भंडारण, जल संरक्षण, सिंचाई व्यवस्था तथा पशुओं के चारे जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यदि वर्षा सामान्य से कम होती है तो किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए अभी से तैयारी जरूरी है।

कलेक्टर ने कृषि विभाग को किसानों को कम पानी में होने वाली फसलों जैसे दलहन, तिलहन, कोदो-कुटकी और रागी की खेती के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। इसके लिए गांव-गांव में कृषि चौपाल आयोजित करने तथा ग्राम स्तर पर विशेष कार्यक्रम चलाने को कहा गया। उन्होंने जनपद सीईओ को कृषि चौपाल का शेड्यूल जारी करने और पटवारियों व कृषि विस्तार अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए तालाबों के गहरीकरण और अन्य जल संरचनाओं के विकास पर जोर दिया गया। बीजीरामजी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और जल संरक्षण कार्यों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पलायन की स्थिति न बने।

बैठक में उद्यानिकी विभाग को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने, खाद्य विभाग को राशन भंडारण और वितरण व्यवस्था मजबूत रखने तथा पशुधन विकास विभाग को पशुओं के लिए चारा प्रबंधन की अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक शत-प्रतिशत पहुंचना चाहिए। इसके लिए महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, कृषि, श्रम, खाद्य और शिक्षा विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के तहत चिन्हित 35 योजनाओं को ग्राम स्तर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों को सौंपी गई।

प्रशासन का मानना है कि समय रहते प्रभावी तैयारी कर संभावित जल संकट और कृषि चुनौतियों का सामना किया जा सकता है, जिससे जिले के किसानों और ग्रामीणों को राहत मिलेगी।