शराब दुकान सर्वे के दौरान हंगामा, एसडीएम और पार्षद के बीच तीखी नोकझोंक

तहसील कार्यालय के पास प्रस्तावित दुकान का विरोध, निरीक्षण बीच में छोड़ लौटे अधिकारी

कोरबा। दीपका क्षेत्र में प्रस्तावित सरकारी शराब दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। तहसील कार्यालय के समीप शराब दुकान खोलने के लिए किए जा रहे स्थल निरीक्षण के दौरान स्थानीय पार्षद और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विरोध इतना बढ़ गया कि अधिकारियों को निरीक्षण अधूरा छोड़कर लौटना पड़ा।

जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह कटघोरा एसडीएम तनमय खन्ना अपने सहयोगी अधिकारियों और नगर पालिका अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत के साथ वार्ड क्रमांक 23 पहुंचे थे। आबकारी विभाग द्वारा प्रस्तावित सरकारी शराब दुकान के लिए स्थल का निरीक्षण किया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलते ही कांग्रेस पार्षद कमलेश जायसवाल स्थानीय नागरिकों के साथ मौके पर पहुंच गए और शराब दुकान के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।

इस दौरान पार्षद और अधिकारियों के बीच जमकर बहस हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक एसडीएम ने पार्षद को कार्यालय में चर्चा करने का सुझाव दिया, जिस पर पार्षद ने कहा कि चर्चा के लिए वे तैयार हैं, लेकिन उनके वार्ड में शराब दुकान का संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

“शिफ्टिंग करें, लेकिन वार्ड में संचालन नहीं”

विरोध कर रहे पार्षद कमलेश जायसवाल ने तर्क दिया कि यदि प्रशासन शराब दुकान को कहीं और स्थानांतरित करना चाहता है तो कर सकता है, लेकिन घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में दुकान का संचालन नहीं होना चाहिए। उनका कहना था कि शराब दुकान खुलने से सामाजिक वातावरण प्रभावित होगा और क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों के बढ़ने की आशंका रहेगी।

आबादी वाले क्षेत्र में दुकान का विरोध

दीपका क्षेत्र को श्रमिक बहुल इलाका माना जाता है, जहां पहले से ही शराब की खपत अधिक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील कार्यालय के आसपास रिहायशी क्षेत्र होने के कारण यहां शराब दुकान खोलना उचित नहीं है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से किसी अन्य वैकल्पिक स्थान का चयन करने की मांग की है।

विरोध और हंगामे के चलते अधिकारियों को निरीक्षण बीच में ही समाप्त कर लौटना पड़ा। अब यह देखना होगा कि प्रशासन विरोध के बावजूद इसी स्थान को अंतिम रूप देता है या फिर शराब दुकान के लिए कोई नया विकल्प तलाशा जाता है।