सड़क बंद करने का विरोध पड़ा भारी, ठेका कंपनी के अधिकारी पर धमकी देने का आरोप

ग्रामीणों के चक्काजाम के बाद दर्ज हुई एफआईआर, पांच घंटे तक ठप रहा आवागमन

कोरबा। एसईसीएल की सिंघाली भूमिगत खदान में कार्यरत ठेका कंपनी पीएनसी के एक अधिकारी पर ग्रामीणों को धमकाने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है।

मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अरदा चौक पर चक्काजाम कर दिया। करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन और जनदबाव के बाद पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ अपराध दर्ज किया।

जानकारी के अनुसार सिंघाली भूमिगत खदान में कोयला उत्खनन एवं परिवहन कार्य कर रही पीएनसी कंपनी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की सड़क बंद किए जाने का प्रयास किया जा रहा था। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो कंपनी के अधिकारी केके सिंह पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए।

ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने संबंधित थाना में लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें आक्रोश बढ़ गया। इसके विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण अरदा चौक पर एकत्रित हुए और चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

पांच घंटे तक लगा रहा जाम
प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कोयला परिवहन में लगे ट्रक, यात्री बसें और अन्य वाहन घंटों तक फंसे रहे। प्रदर्शनकारी तख्तियां लेकर कंपनी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे तथा आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे।

एफआईआर के आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसईसीएल के अधिकारी और बांकी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी शिकायतों को सुना। आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और आवागमन सामान्य हो सका।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में उनकी समस्याओं की अनदेखी की गई तो वे फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।