असाध्य बीमारियों से जूझ रहे परिवार को आयुर्वेद से मिली नई जिंदगी, उपचार से लौटी मुस्कान

कोरबा। आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से निराश हो चुके लोगों के लिए आयुर्वेद एक बार फिर उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। कोरबा की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी राजमणि सोंठीया और उनके परिवार ने आयुर्वेदिक उपचार से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर इसे जीवन बदलने वाला अनुभव बताया है।

राजमणि सोंठीया ने बताया कि उनके पुत्र को लंबे समय से साइनस की गंभीर समस्या थी। सांस लेने में दिक्कत, लगातार सर्दी-जुकाम और थकान के कारण उसका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा था। विभिन्न स्थानों पर उपचार कराने के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा से संपर्क किया।

नियमित आयुर्वेदिक दवाओं और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने पर तीन माह के भीतर उनके पुत्र की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ और वह स्वस्थ हो गया।

राजमणि सोंठीया ने बताया कि वे स्वयं भी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। डेंगू संक्रमण के दौरान उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी और कई उपचारों के बाद भी संतोषजनक सुधार नहीं हुआ। ऐसे समय में उन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सा का सहारा लिया। उपचार और नियमित परीक्षण के बाद उनकी सेहत में लगातार सुधार देखने को मिला।

परिवार के अन्य दो सदस्यों को भी विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। उन्होंने पहले एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के तहत उपचार कराया, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर आयुर्वेद की ओर रुख किया। परिवार का दावा है कि आयुर्वेदिक उपचार से उन्हें राहत और बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त हुआ।

राजमणि सोंठीया का कहना है कि उनके परिवार के अनुभव ने आयुर्वेद के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए आयुर्वेद को भी एक प्रभावी विकल्प के रूप में अपनाने की अपील की।