पीएम स्वनिधि ऋण मामलों में देरी बर्दाश्त नहीं, बैंकर्स तत्काल करें स्वीकृति प्रक्रिया पूरी : आयुक्त

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए बैंकर्स को निर्देश दिए कि हितग्राहियों के लंबित ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार साकेत भवन स्थित निगम सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने बैंकवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बैंक कार्यालय में पहुंचने वाले हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर सेवाएं प्रदान की जाएं, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

पथ विक्रेताओं को मिल रहा बिना गारंटी ऋण
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं को बिना गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 15 हजार रुपये, इसके बाद 25 हजार रुपये तथा 50 हजार रुपये तक का ऋण 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के साथ दिया जाता है।

योजना का उद्देश्य पथ विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना तथा कोविड काल और अन्य कारणों से हुए आर्थिक नुकसान से उबारकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

देरी पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान कुछ बैंकों में ऋण स्वीकृति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित बैंक प्रबंधन को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र हितग्राहियों के आवेदन लंबित नहीं रहने चाहिए और सभी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में उपायुक्त नीरज कौशिक, लीड बैंक मैनेजर कृष्ण भगत, लेखाधिकारी भवकांत नायक, योजना प्रभारी तपन तिवारी, अरविंद कुर्रे सहित विभिन्न बैंकों के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।