सफलता के लिए मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास जरूरी : लखनलाल देवांगन

कोरबा। जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला स्तरीय करियर काउंसिलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में सफलता के लिए केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन, कौशल विकास और निरंतर प्रयास भी आवश्यक हैं।

दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में असीम संभावनाएं होती हैं। जरूरत इस बात की है कि वे अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर सही दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर आत्मविश्वास, अनुशासन और मेहनत के साथ अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम में विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमंडलाधिकारी कुमार निशांत, नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय, ओएसडी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

संदर्शिका पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने एक विशेष संदर्शिका पुस्तक का विमोचन किया, जिसमें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर विकल्पों और अवसरों की विस्तृत जानकारी संकलित की गई है।

कलेक्टर ने नवाचार और कौशल विकास पर दिया जोर
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में जिले के विभिन्न हाई स्कूलों से 10वीं उत्तीर्ण 600 से अधिक विद्यार्थी एवं उनके पालक शामिल हुए। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि आज के समय में केवल शैक्षणिक उपलब्धियां ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि नवाचार, कौशल विकास और सकारात्मक सोच भी सफलता की महत्वपूर्ण कुंजी हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य स्पष्ट रूप से निर्धारित करने, उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने और निरंतर परिश्रम करने की सलाह दी।

450 विद्यार्थियों को मिला करियर मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में कक्षा 12वीं के लगभग 450 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इस दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने विद्यार्थियों को करियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, व्यक्तित्व विकास और जीवन में सफलता के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम के अंत में जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय ने सभी अतिथियों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए स्मृति-चिन्ह भेंट किए।