अफसरशाही पर सभापति का तीखा वार, बोले- ‘जरूरत पड़ी तो जमीन पर बैठकर करेंगे काम’

जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और विकास कार्यों में देरी पर जताई नाराजगी

कोरबा। नगर निगम की कार्यप्रणाली और अफसरशाही को लेकर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को सम्मान नहीं मिला और जनता के कार्यों में बाधा उत्पन्न की गई, तो वे कुर्सी की परवाह किए बिना जमीन पर बैठकर भी जनता की सेवा करेंगे।

सभापति ने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण निर्णयों में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी की जा रही है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए चुना है, लेकिन अधिकारियों की मनमानी के कारण आम लोगों के मुद्दों का समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा, “हम जनता के वोट से चुनकर आए हैं। यदि सम्मान और अधिकारों की अनदेखी होती रही तो कुर्सी छोड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे, जरूरत पड़ी तो जमीन पर बैठकर जनता के लिए काम करेंगे।”

सभापति के इस बयान के बाद नगर निगम की कार्यशैली और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधियों की ओर से सामूहिक रणनीति भी बनाई जा सकती है, ताकि जनता से जुड़े कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके।