कोरबा।कोयला मजदूरों के 12वें वेतन समझौते को लेकर एटक ने कोल इंडिया प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपेश मिश्रा ने कहा है कि 11वें वेतन समझौते की अवधि 30 जून को समाप्त हो रही है और 1 जुलाई से नया वेतनमान लागू होना है, लेकिन अब तक 12वें वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआई (ज्वाइंट बाइपार्टाइट कमेटी फॉर कोल इंडस्ट्री) का गठन नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि कोल इंडिया ने अभी तक श्रमिक संगठनों से प्रतिनिधियों की सूची तक नहीं मांगी है, जिससे मजदूरों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दीपेश मिश्रा के अनुसार, समय रहते जेबीसीसीआई का गठन नहीं होने से वेतन समझौते की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि कोल इंडिया वर्ष 2010 से भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी है और नियामकीय दायित्वों का समय पर पालन करना उसकी जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित समय में आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं होती है तो इससे कंपनी की जवाबदेही पर भी प्रश्न उठ सकते हैं।
एटक नेता ने मांग की है कि 30 जून से पहले जेबीसीसीआई का गठन कर वेतन वार्ता प्रारंभ की जाए, ताकि कोयला मजदूरों का 12वां वेतन समझौता समय पर संपन्न हो सके और कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सके।
Editor – Niraj Jaiswal
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