बारिश से एसईसीएल खदानों में कोयला ढुलाई प्रभावित, सड़क परिवहन की रफ्तार घटी

कोरबा।जिले में लगातार हो रही बारिश का असर अब एसईसीएल की कोयला खदानों में भी दिखाई देने लगा है। खदान क्षेत्रों की सड़कों पर कीचड़ और जलभराव के कारण भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर सड़क मार्ग से होने वाली कोयला ढुलाई और डिस्पैच की रफ्तार पर पड़ रहा है।

कोरबा जिले में एसईसीएल की प्रमुख कोयला खदानों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कोयले का परिवहन सड़क मार्ग के अलावा रेल और कन्वेयर सिस्टम से किया जाता है। मानसून में लगातार बारिश के कारण खदानों के भीतर और आसपास की सड़कों की स्थिति खराब होने लगी है। कई जगह फिसलन बढ़ने से भारी वाहनों को सावधानीपूर्वक चलाना पड़ रहा है।

कच्चे मार्गों पर बढ़ी परेशानी
कोयला परिवहन से जुड़े ट्रांसपोर्टरों के अनुसार बारिश के कारण कच्चे और खदान क्षेत्रों से जुड़े मार्गों पर वाहनों का संचालन मुश्किल हुआ है। कीचड़ और फिसलन के चलते वाहनों की गति कम हो गई है। इससे सामान्य दिनों की तुलना में सड़क मार्ग से कोयला परिवहन की क्षमता प्रभावित हुई है।

खदान प्रबंधन की ओर से बारिश के दौरान सड़कों को चालू रखने के लिए जल निकासी, गड्ढों की मरम्मत सहित जरूरी कार्य किए जा रहे हैं। इसके बावजूद लगातार बारिश होने पर परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।

रेल और कन्वेयर से आपूर्ति संतुलित रखने की कोशिश
कोरबा की कोयला खदानें बिजली संयंत्रों और औद्योगिक इकाइयों के लिए महत्वपूर्ण कोयला आपूर्ति का केंद्र हैं। सड़क परिवहन प्रभावित होने की स्थिति में रेल परिवहन और अन्य वैकल्पिक माध्यमों के जरिए कोयला आपूर्ति को संतुलित रखने पर जोर दिया जा रहा है।

जानकारों के मुताबिक यदि बारिश का दौर कुछ दिनों तक और जारी रहा तो सड़क मार्ग से कोयला परिवहन में और कमी आ सकती है। हालांकि बारिश की तीव्रता कम होने और खदान क्षेत्र की सड़कों की स्थिति सामान्य होने के साथ परिवहन व्यवस्था के भी पटरी पर लौटने की उम्मीद है।