छात्रवृत्ति बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार करने की मांग, पांच विकासखंडों के अस्पतालों में सेवाओं पर असर

कोरबा। छात्रवृत्ति की राशि 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से कोरबा जिले में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों के साथ शहर के पॉली क्लीनिक में भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

डॉक्टरों की अनुपस्थिति में फिलहाल स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन अन्य चिकित्साकर्मियों के भरोसे किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार जूनियर डॉक्टरों की नियुक्ति के समय उनसे बांड भरवाया गया है, जिसके तहत उन्हें एक वर्ष तक दूरदराज अथवा आवश्यकता वाले स्वास्थ्य केंद्रों में अनिवार्य सेवा देनी होती है। इसी व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उनकी पदस्थापना की थी। लेकिन छात्रवृत्ति बढ़ाने की मांग को लेकर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है।

पांच विकासखंडों में प्रभावित हुई व्यवस्था
कोरबा जिले के पांच विकासखंडों के अंतर्गत संचालित ग्रामीण अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों की सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इससे उपचार के लिए पहुंचने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई केंद्रों पर उपलब्ध चिकित्साकर्मियों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं।

विकल्प तलाश रहा स्वास्थ्य विभाग
सीएमएचओ ने बताया कि हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे प्रभाव का अध्ययन किया जा रहा है। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था तय की जा रही है। पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष प्रबंधन को भी अवगत करा दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के मरीज अब जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं।