सुशासन के दावों के बीच पटवारी की रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल, वन पट्टा और फौती नामांतरण के नाम पर वसूली, पटवारी निलंबित

कोरबा। जिले के पसान क्षेत्र में रिश्वतखोरी का मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में हल्का नंबर 10 पिपरिया के पटवारी विनोद अग्रवाल कथित रूप से रुपए लेते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों और आदिवासी किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पोड़ी उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन पट्टा ऑनलाइन करने के नाम पर किसानों से 5 हजार रुपए तक और फौती नामांतरण के लिए 10 हजार रुपए तक की वसूली की जाती थी। लोगों का कहना है कि बिना पैसे दिए राजस्व संबंधी कार्य नहीं किए जाते थे, जिससे गरीब और आदिवासी किसान लंबे समय से परेशान थे।

बताया जा रहा है कि किसी ग्रामीण ने कथित लेन-देन का वीडियो बना लिया, जिसमें पटवारी 500-500 के नोट लेते और टेबल के नीचे गिनते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई और मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राज्य सरकार “सुशासन तिहार” के माध्यम से पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था का दावा कर रही है। वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर रिश्वतखोरी के आरोप प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

जारी आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया एवं वेब न्यूज चैनलों में वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर पटवारी विनोद अग्रवाल का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 के विपरीत पाया गया है, जो कदाचार की श्रेणी में आता है।

इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए पटवारी विनोद अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसीलदार कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।