सीएम हेल्पलाइन 1076 जल्द शुरू होगी कोरबा में,नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित

कलेक्टोरेट में अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण, 24 घंटे मिलेगी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा

कोरबा। आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और पारदर्शी निराकरण के लिए सीएम हेल्पलाइन 1076 सेवा जल्द ही कोरबा जिले में शुरू होने जा रही है। सेवा प्रारंभ होने से पहले शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

बैठक में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सलाहकार अनुराग दीवान, अंशुल वर्मा, चंदन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं विकासखंड स्तर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअली जुड़े।

प्रशिक्षण के दौरान सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सलाहकार अनुराग दीवान ने सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप अथवा अन्य माध्यमों से 24 घंटे अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा।

शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान की जाएगी, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकेगा। इसमें यह जानकारी भी उपलब्ध होगी कि शिकायत किस विभाग और किस अधिकारी के पास लंबित है तथा समाधान में कितना समय लगेगा।

अधिकारियों को बताया गया कि पूरी प्रक्रिया तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिससे शिकायतों के निराकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना भी कम होगी।

अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

24×7 संचालित रहेगा हेल्पलाइन सेंटर
प्रशिक्षण में बताया गया कि शिकायतों के निराकरण के बाद संबंधित नागरिक से फीडबैक भी लिया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है या नहीं। पूरी व्यवस्था की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा रियल टाइम में की जाएगी।

सीएम हेल्पलाइन सेंटर सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगा। नागरिक कॉल, ऑनलाइन पोर्टल, व्हाट्सएप और लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।