वेदांता ग्रुप का बड़ा डिमर्जर:6 हिस्सों में बंटेगा समूह,राजेश कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी

कोरबा।वेदांता समूह के ऐतिहासिक डिमर्जर (विभाजन) की प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। एक मई को रिकॉर्ड डेट तय होने के साथ ही निवेशकों और बाजार की नजरें कंपनी के भविष्य के स्वरूप पर टिकी हुई हैं।

डिमर्जर के बाद वेदांता समूह को 6 अलग-अलग कंपनियों में बांटने की योजना है, जिसमें वेदांता एल्यूमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता स्टील एंड फेरस मैटेरियल्स, वेदांता बेस मेटल्स और वेदांता लिमिटेड शामिल होंगी।

प्रबंधन स्तर पर बड़े बदलाव की चर्चा है। बालको के वर्तमान सीईओ राजेश कुमार को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

डिमर्जर के बाद अस्तित्व में आने वाली नई इकाई वेदांता एल्यूमिनियम की कमान अब राजेश कुमार के हाथों में होगी।

वहीं बालको के अगले सीईओ के रूप में आर.के. सिंह का नाम लगभग तय माना जा रहा है। सिंह को एल्युमिनियम सेक्टर का लंबा अनुभव है।

इधर बालको के पावर बिजनेस के सीईओ अनिल दुबे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। डिमर्जर की प्रक्रिया के बीच इस बड़े इस्तीफे को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। उनके स्थान पर कौन आएगा, इसे लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि डिमर्जर के बाद वेदांता समूह अपने आप को 6 हिस्सों में बांटने की रणनीति बना रहा है।

कार्पोरेट सेक्टर में ऐसे फैसले आमतौर पर रणनीतिक और दीर्घकालिक विजन के तहत लिए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसा हुआ तो नई कंपनियों से कार्य क्षेत्र बढ़ेगा और रोजगार के प्रत्यक्ष तथा परोक्ष अवसर भी बढ़ सकते हैं।