महिला अपराध रोकने के लिए ICC गठन ही काफी नहीं, नतीजे भी आने चाहिए:विजया रहाटकर

कोरबा।राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर ने कहा कि हर सरकारी विभाग, उपक्रम और संस्था में महिला अपराधों को रोकने के लिए प्रभावी कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन करना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके कामकाज के तरीके की समझ के साथ ठोस नतीजे भी आने चाहिए।

पहली बार कोरबा जिले के दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रीय महिला आयोगअध्यक्ष विजया रहाटकर ने विभिन्न विभागों के प्रमुखों की बैठक लेकर महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं और संबंधित मुद्दों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को दो माह के भीतर आंतरिक शिकायत समिति गठित करने और उसे सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्व-सहायता समूहों सहित अन्य प्रमुख कार्यस्थलों पर भी ICC स्थापित कर महिलाओं को जागरूक करने के लिए बैनर, पोस्टर और अन्य माध्यमों का उपयोग करने को कहा।

बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने महिला अपराधों के मामलों में की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने महिला आयोग के सुझावों को अमल में लाने का आश्वासन दिया। जिला पंचायत सीईओ ने बैठक में आभार जताया।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में राष्ट्रीय महिला आयोगअध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि डिफेंस क्षेत्र में बालिकाओं को अपनी क्षमता दिखाने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।