आश्वासन कब तक? नराईबोध ग्रामीणों ने भठोरा फेस खदान ठप कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया

कोरबा।एसईसीएल की गेवरा परियोजना के अंतर्गत आने वाले ग्राम नराईबोध के विस्थापितों और ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज से भठोरा फेस खदान के समीप विशाल पंडाल लगाकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों ने खदान का कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे प्रबंधन के लिए नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

विस्थापितों का कहना है कि एसईसीएल ने खदान विस्तार के लिए कई साल पहले उनकी जमीन ली थी, लेकिन विस्थापन के बदले मानक सुविधाओं वाली बसाहट, उचित भू-अर्जन मुआवजा और रोजगार की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है।

उन्होंने मांग की है कि प्रभावित परिवारों के सदस्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्थाई रोजगार और पीएनसी कंपनी में वैकल्पिक रोजगार दिया जाए।

ग्रामीणों ने जीपीएस सर्वे के माध्यम से परिसंपत्ति के सर्वेक्षण पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इसमें पारदर्शिता की कमी है, जिससे मुआवजे में त्रुटियां आ रही हैं।

पार्षद अनिला राकेश पटेल ने कहा कि लोगों ने विकास के नाम पर अपनी जमीन दी है, इसलिए उनके हितों का ख्याल रखा जाना चाहिए। बीते वर्षों में प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन और तारीखें ही मिली हैं।

बार-बार आंदोलन इसी असंतोष का नतीजा है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि एसईसीएल का काम ठीक-ठाक चलता रहे और कोयला आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, तो प्रभावितों की समस्याओं को भी तकनीकी रूप से दूर करने में रुचि ली जानी चाहिए।

समाचार लिखे जाने तक धरना स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा है और खदान का काम पूरी तरह बंद पड़ा है।