हौसलों की उड़ान: सुरेखा जायसवाल बनीं ‘लखपति दीदी’, संघर्ष से लिखी सफलता की कहानी

बिहान योजना से मिली राह, स्वरोजगार से बदली जिंदगी; गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

कोरबा।सीमित संसाधनों और जिम्मेदारियों के बीच भी अगर हौसले मजबूत हों, तो सफलता की राह खुद बन जाती है।

कटघोरा विकासखंड के ग्राम धंवईपुर नवापारा की निवासी सुरेखा जायसवाल ने अपने संघर्ष और आत्मविश्वास के दम पर यही साबित किया है। एक साधारण गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का उनका सफर आज गांव-गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित बिहान योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी योजना से जुड़कर सुरेखा जायसवाल ने अपने जीवन की दिशा बदल दी। वर्ष 2019 में आस्था महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक सहयोग मिला, बल्कि प्रशिक्षण के जरिए व्यवसायिक समझ भी विकसित हुई।

समूह के माध्यम से उन्हें 10 हजार रुपए की आरएफ राशि, 30 हजार रुपए की सीआईएफ राशि और स्वयं सिद्धा योजना के तहत 2 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। इसके बाद एफएलसीआरपी के माध्यम से बैंक से 1 लाख रुपए का अतिरिक्त ऋण लेकर उन्होंने श्रृंगार सामग्री की दुकान, किराना दुकान और फोटोकॉपी सेंटर शुरू किया।

उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि आज उनकी वार्षिक आय करीब 1 लाख 10 हजार रुपए तक पहुंच गई है और वे ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। अब वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि घर के फैसलों में भी उनकी अहम भूमिका है।

सुरेखा जायसवाल की यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं के लिए संदेश है जो आत्मनिर्भर बनने का सपना देखती हैं। उन्होंने अपनी उपलब्धि के लिए राज्य सरकार और बिहान योजना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहयोग से वे सम्मानपूर्वक जीवन जी पा रही हैं।

उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर सकती हैं।