बारिश से बौराई हसदेव, बांगो डेम के 9 गेट से छोड़ा 41 हजार क्यूसेक पानी

93.65 फीसदी हुआ जलभराव, हसदेव बरॉज से भी 29,300 क्यूसेक डिस्चार्ज; तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

कोरबा।कोरिया और एमसीबी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश का असर हसदेव नदी और मिनीमाता बांगो बांध पर दिखाई देने लगा है। बांध में जलभराव 93.65 प्रतिशत पहुंचने और पानी की आवक बढ़ने के बाद रविवार शाम बांगो बांध के 9 गेट खोल दिए गए। सभी गेटों की कुल ओपनिंग 6 मीटर रखते हुए बांध और जल विद्युत संयंत्र से मिलाकर करीब 41,080 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे नदी के तटीय इलाकों में दबाव बढ़ गया है और रहवासियों की चिंता बढ़ी है।

मिनीमाता हसदेव बांगो बांध परियोजना के कार्यपालन अभियंता राजेश भारती के अनुसार शाम करीब 4 बजे तक बांध के कुल 11 में से 9 गेट खोल दिए गए थे। वर्तमान में बांध का जलस्तर 358.60 मीटर है, जो कुल भराव का 93.65 प्रतिशत है। बांध में पानी की आवक करीब 16,700 क्यूसेक बनी हुई थी, जबकि गेटों से 32,080 क्यूसेक और जल विद्युत संयंत्र से करीब 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। इस तरह कुल डिस्चार्ज लगभग 41,080 क्यूसेक है।

उन्होंने बताया कि पिछले सात घंटे में जलस्तर करीब 7 सेंटीमीटर नीचे आया है। जलस्तर 358.32 मीटर तक आने पर गेटों को बंद करने की संभावना है। इसके बाद बांध में आने वाले पानी को जल विद्युत संयंत्र के माध्यम से बाहर निकाला जाएगा। पानी की अधिक आवक को देखते हुए मुख्य अभियंता बिलासपुर और अधीक्षण अभियंता कोरबा से चर्चा एवं अनुमति के बाद पानी छोड़ने की कार्रवाई की गई।

हसदेव बरॉज से भी छोड़ा गया पानी
बांगो बांध से पानी छोड़े जाने के साथ ही हसदेव बरॉज दर्री से भी करीब 29,300 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। नदी में पानी की मात्रा बढ़ने से तटीय क्षेत्रों पर दबाव बढ़ गया है।

इन इलाकों में बढ़ सकती है परेशानी
हसदेव नदी में बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रगतिनगर से लेकर जोगियाडेरा,कोहड़िया, गेरवाघाट, राताखार, मोतीसागरपारा, सीतामणी और इमलीडुग्गू के कुछ हिस्सों में संभावित असर को लेकर चिंता है। पिछले वर्षों में बाढ़ का पानी सरस्वती शिशु मंदिर के आसपास से होते हुए मुख्य मार्ग और नजदीकी बस्ती तक पहुंच चुका है।

हालांकि संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों के लोगों को पहले ही सतर्क किया जा चुका है। नगर निगम ने भी आवश्यक तैयारियां की हैं तथा संभावित प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न वार्डों में सेल्टर हाउस चिन्हांकित किए गए हैं। प्रशासन और निगम की ओर से नदी किनारे एवं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।