कोरबा। बागेश्वरधाम के शास्त्री धीरेन्द्र कृष्ण शनिवार को कोरबा पहुंच गए। जिले के बांकीमोंगरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ढपढप में आज से शुरू हुई पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा का श्रवण कराने वे यहां पहुंचे हैं। भक्तों में दर्शन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया, जिनका अभिवादन मंच पर पहुंचते ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने किया।
कथा मंच पर पहुंचते ही पंडित शास्त्री ने उपस्थित भक्तों का अभिवादन स्वीकार किया। अपना घर सेवा आश्रम के सेवा प्राप्त बच्चों एवं महिलाओं ने कथा व्यास व हनुमान जी की आरती उतारी।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ बड़ा प्यारा राज्य है और कोरबा तो बहुत ही प्यारा है। अगर कोरबा कोयला ना दे तो हमारे मध्य प्रदेश में लाइट ना रहे। कोरबा के कोयला से देश रोशन हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरबा पहली बार आने का सम्मान मिला। छत्तीसगढ़ महतारी का जयकारा लगाते हुए माता सर्वमंगला को नमन करते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ महतारी है तो कौशल्या मइया के नाते हम भी तुम्हारे भांचा लगेंगे।
पंडित शास्त्री ने राणा मुखर्जी और उनकी पत्नी के द्वारा अपना घर सेवा आश्रम द्वारा किए जा रहे कार्य की भरपूर सराहना करते हुए कहा कि अपना घर के माध्यम से जो सेवा कर रहे हैं, उसका कोई जवाब नहीं। पति-पत्नी की जोड़ी हो तो ऐसी और उनके जैसा कोई नहीं जो उन लोगों का सहारा बने हैं जिनका कोई नहीं। उन्होंने कहा कि जब तक भगवान विश्वनाथ हैं, बागेश्वर नाथ हैं, जगन्नाथ हैं तब तक इस जगत में कोई अनाथ नहीं हो सकता।
घर वापसी वालों का स्वागत है
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे कोरबा में 1 अप्रैल तक हैं। कथा भी सुनाएँगे और दिव्या दरबार भी लगाएंगे। कोरबा, रायगढ़, जशपुर, बिलासपुर के हिंदुओं से प्रार्थना करते हुए कहा कि इस अवधि में जिनको भी घर वापसी करनी हो, उनके दरबार में स्वागत है। इसके पश्चात कथा प्रारंभ करते हुए कहा कि सुंदरकांड एकमात्र ऐसा पाठ है जिसके करने से भारत की दिशा और दशा दोनों सुधर सकती है।
छुरी के नाम पर लगाये ठहाके
कथा व्यास पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हास-परिहास करते हुए छुरी का जिक्र किया और ठहाके लगाए। उन्होंने बताया कि ग्राम ढपढप आते वक्त रास्ते में गांव छुरी पड़ा। यहां के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। जब उन्होंने गांव का नाम पूछा तो लोगों ने छुरी बताया। छुरी का नाम सुनकर वह एक बार डर गए और हँसते हुए बोले अभी हमारी शादी ही नहीं हुई है और छुरी आ गए।
जिंदल एयरपोर्ट पर उतरा उड़न खटोला

कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शनिवार दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर रायगढ़ जिले के जिंदल एयरपोर्ट पर प्राइवेट जेट से पहुंचे, जहां आयोजकों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या ने उनका भव्य स्वागत किया। एयरपोर्ट पर जय श्रीराम के गगनभेदी जयघोष, फूल-मालाओं और भक्तिमय उत्साह के बीच शास्त्री जी का स्वागत हुआ। इसके बाद उनका वाहनों का काफिला रायगढ़ से कोरबा के लिए रवाना हुआ। शाम लगभग 4 बजे कथा स्थल ढपढप पहुंचे। शास्त्री जी का हजारों श्रद्धालु आगमन की प्रतीक्षा में पलक-पांवड़े बिछाए बैठे रहे।
Editor – Niraj Jaiswal
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