काम में रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट: कलेक्टर ने निर्माण एजेंसियों को दी चेतावनी

कोरबा। सरकारी निर्माण कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अनुबंध करने के बाद भी काम में रुचि नहीं दिखाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

ऐसे ठेकेदारों के खिलाफ कोई समझौता नहीं होगा और उन्हें भविष्य में किसी भी सरकारी कार्य का ठेका नहीं दिया जाएगा।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना) और पीडब्ल्यूडी-सेतु के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में स्वीकृत एवं निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों एवं भवनों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि बारिश से पहले सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। क्रियान्वयन एजेंसियों को सख्त हिदायत दी गई कि सभी निर्माण स्थलों पर ठेकेदारों से समानांतर कार्य (पैरेलल वर्क) कराया जाए, मशीनरी और मैन पॉवर बढ़ाई जाए तथा धीमी प्रगति वाले ठेकेदारों को तुरंत नोटिस जारी किया जाए।

विशेष जोर प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी)पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर परिवारों की बस्तियों तक सड़क संपर्क सुदृढ़ करने पर रहा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि दूरस्थ पीवीटीजी बस्तियों में सड़क एवं अन्य अधोसंरचना कार्यों में तेजी लाई जाए और यथाशीघ्र पूर्ण किया जाए।

पीएमजीएसवाई के तहत लेमरू-देवपहरी, मदनपुर- माँझीपारा,कोडार-माँझीपारा, मेनरोड-जुनापारा सहित विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।

कलेक्टर ने ग्राम गौरव पथ और डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और पर्याप्त संसाधनों का उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी तरुण कुमार किरण, जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई एवं सेतु विभाग के कार्यपालन अभियंता व सहायक अभियंता उपस्थित रहे।