वेदांता स्किल स्कूल से बदल रही महिलाओं की जिंदगी, तकनीकी व सेवा क्षेत्र में मिल रहे नए अवसर

कोरबा। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं। पहले जहां युवतियों के पास सीमित विकल्प होते थे, वहीं अब वे तकनीकी, औद्योगिक और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं।

इस बदलाव में वेदांता स्किल स्कूल बालको की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है, जहां महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ा अनुभव देकर आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार किया जा रहा है।

कोरबा की पूजा सोतकर बताती हैं कि वेदांता स्किल स्कूल का प्रशिक्षण उनके लिए आत्मनिर्भर बनने का रास्ता बना। कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद वे एक बालिका आश्रय में पली-बढ़ीं। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के प्रति रुचि के कारण उन्होंने मोबाइल हार्डवेयर रिपेयर टेक्नीशियन कोर्स किया। प्रशिक्षण के बाद उन्हें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, बेंगलुरु में ऑपरेटर के रूप में नौकरी मिली, जहां उन्हें सालाना दो लाख रुपये से अधिक वेतन मिल रहा है।

इसी तरह कोरबा के गोढ़ी गांव की काजल सांडे ने आईटीआई इलेक्ट्रिकल करने के बाद स्किल स्कूल से तकनीकी प्रशिक्षण लिया। यहां उन्हें इलेक्ट्रिकल सिस्टम, सुरक्षा और उपकरणों का व्यावहारिक ज्ञान मिला। इसके बाद उन्हें बालको में अप्रेंटिसशिप का अवसर मिला और आज वे सुपरवाइजरी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।

मनीषा रात्रे के लिए यह प्रशिक्षण हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में अवसर लेकर आया। उन्होंने फूड एंड बेवरेज सर्विस की ट्रेनिंग लेकर इस क्षेत्र में करियर शुरू किया। मनीषा बताती हैं कि इस प्रशिक्षण से उन्हें आत्मविश्वास मिला और आज वे अपने परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग कर रही हैं।

जांजगीर-चांपा की पूर्णिमा रात्रे ने सोलर पीवी इंस्टॉलर प्रोग्राम के माध्यम से सोलर पैनल इंस्टॉलेशन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जानकारी हासिल की। इस प्रशिक्षण के बाद उन्हें बेंगलुरु की फॉक्सकॉन प्रिसिजन इंजीनियरिंग में प्लेसमेंट मिला, जिससे उनके करियर की नई शुरुआत हुई।
वेदांता स्किल स्कूल को एनएसडीसी और सेक्टर स्किल्स काउंसिल से मान्यता प्राप्त है तथा इसे भारत सरकार द्वारा पांच सितारा रेटिंग वाला स्मार्ट सेंटर घोषित किया गया है।

वर्ष 2010 से अब तक यहां 14 हजार से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं शामिल हैं।

संस्थान में सिलाई मशीन ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डिंग, हॉस्पिटैलिटी, फिटर एंड अलाइनमेंट, सोलर पीवी टेक्नीशियन और मोबाइल रिपेयर ऑपरेटर सहित सात ट्रेड में निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाता है।

साथ ही प्रशिक्षुओं को संचार कौशल, कार्यस्थल सुरक्षा, कानूनी अधिकार, स्वास्थ्य जागरूकता और अनुभवी कर्मचारियों से मेंटरशिप भी प्रदान की जाती है, ताकि वे देशभर की कंपनियों में रोजगार के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।