इमलीछापर चौक पर 3 साल से अटका रेलवे ओवरब्रिज, 2 लाख आबादी को हो रही परेशानी,जाम, गड्ढे और कीचड़ से लोग हलाकान

कोरबा। कुसमुंडा से सर्वमंगला चौक तक फोरलेन सड़क बनने से शहर की ओर आवागमन सुगम तो हुआ है, लेकिन इमलीछापर चौक पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य पिछले 3 साल से अटका हुआ है। इससे कोयलांचल क्षेत्र के कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, हरदीबाजार, बांकीमोंगरा और शहर-दीगर क्षेत्रों की लगभग 2 लाख आबादी प्रभावित है।

दरअसल, कुसमुंडा खदान से कोयला परिवहन के लिए मालवाहकों के दबाव और रेलवे फाटक के बार-बार बंद होने से घंटों जाम लगता है। इसी समस्या से निपटने के लिए एसईसीएल के सहयोग से राइट्स (RITES) को ओवरब्रिज निर्माण की जिम्मेदारी दी गई।

राइट्स ने एक हिस्से (शिव मंदिर चौक की ओर) में ओवरब्रिज बनाया और दूसरे हिस्से में अंडरब्रिज व अन्य स्ट्रक्चर तैयार किए, लेकिन इमलीछापर चौक से रेलवे फाटक के बीच 11 मकानों को बाधा बताकर कार्य रोक दिया गया।

लगभग 9 माह पहले (बारिश के बीच) प्रशासन ने सख्ती से इन मकानों को खाली कराकर ढहा दिया और जमीन समतल भी कर दी, लेकिन उसके बाद से कोई प्रगति नहीं हुई। अब 9 माह बीत चुके हैं, फिर भी निर्माण स्थल पर सिर्फ एक ढेला भी नहीं हटा।

इमलीछापर चौक पर सड़क निर्माण भी नहीं हो सका, जिससे गड्ढे, कीचड़ और उबड़-खाबड़ सड़क पर लोगों को गुजरना पड़ रहा है। रेलवे फाटक पर घंटों फंसना या घुमावदार वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है।

बारिश के दौरान स्थिति और बदतर हो जाती है सड़क पर पानी भरने से तालाब-सा बन जाता है। पिछले साल बारिश में व्यापारियों ने बड़ा आंदोलन किया था। अब 3 माह बाद मानसून आने से समस्या और गंभीर होने की आशंका है।

प्रशासन की लेटलतीफी और देरी से लोगों में रोष है। कोयला क्षेत्र के निवासी मांग कर रहे हैं कि ओवरब्रिज और सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए ताकि रोजाना की आवाजाही सुगम हो सके।