कोरबा।कोरबा के मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी न्यायालय में फर्जी दस्तावेज के सहारे जमानत दिलाने का मामला सामने आया है। न्यायालय के निर्देश पर डुमरडीह रजगामार निवासी 43 वर्षीय जीवन दास महंत के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर आरोपी की जमानत लेने के आरोप में अपराध दर्ज किया गया है।
जानकारी के अनुसार विद्युत अधिनियम के एक प्रकरण में आरोपी बनाई गई बेबी शर्मा की ओर से जीवन दास महंत ने 5 हजार रुपये की जमानत प्रस्तुत की थी। इसी जमानतदार ने इससे पूर्व 1 जनवरी 2026 को जागेश्वर नामक आरोपी के लिए 10 हजार रुपये की जमानत भी दी थी।
जमानत के समर्थन में प्रस्तुत ऋण पुस्तिका क्रमांक 314955 का सत्यापन भैंसमा तहसील कार्यालय से कराया गया। जांच में पटवारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित किसान पुस्तिका उस कार्यालय से जारी नहीं की गई है और उस पर उसके हस्ताक्षर भी नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि 4 अगस्त 2023 से भैंसमा में पूर्णकालिक तहसीलदार पदस्थ हैं, ऐसे में 8 अप्रैल 2024 की स्थिति में अतिरिक्त तहसीलदार द्वारा उक्त किसान पुस्तिका जारी किए जाने का प्रश्न ही नहीं उठता।
जांच में यह भी पाया गया कि सुफल दास पिता धुरबिन दास, निवासी डुमरडीह के नाम से प्रस्तुत किसान पुस्तिका संबंधित कार्यालय से जारी नहीं हुई थी।
प्रकरण में आरोपी जीवन दास महंत के विरुद्ध कूटरचना और छलपूर्वक दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 336(3) और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
न्यायालय ने इसे जमानत प्राप्त करने के लिए अपनाया गया कूटरचित तरीका माना है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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