सुशासन तिहार में किसानों पर फोकस, कलेक्टर ने अधिकारियों को फील्ड में रहने के दिए निर्देश

एग्रीस्टेक पंजीयन, किसान आईडी, केसीसी और ई-केवाईसी को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश

कोरबा जिले में सुशासन तिहार 2026 के तहत किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों और मैदानी अमले को किसानों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सुशासन तिहार के दौरान सभी ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी अनिवार्य रूप से फील्ड में मौजूद रहेंगे। किसानों से सीधे संपर्क कर समस्याओं का समाधान किया जाएगा और लापरवाही या अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई होगी।

बैठक में एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन और किसान आईडी निर्माण की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को विकासखंडवार लक्ष्य के अनुसार कार्य तेज करने तथा लंबित मामलों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पोर्टल में आने वाली तकनीकी समस्याओं की जानकारी भी प्रस्तुत करने को कहा गया।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने ई-केवाईसी, आधार सीडिंग और लैंड सीडिंग को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी किस्त केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिनकी सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होंगी।

खरीफ 2026 की तैयारियों के तहत बीज और उर्वरक भंडारण, वितरण और वैकल्पिक बीज व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों को वर्षा में देरी की स्थिति में वैकल्पिक बीज उपलब्ध कराने और नैनो यूरिया व नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने किसानों को अधिक से अधिक केसीसी योजना से जोड़ने, खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने, उर्वरकों के भौतिक सत्यापन और पीओएस मशीन से वितरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

बैठक में फसल विविधीकरण, जैविक खेती, हरी खाद, ड्रोन तकनीक, डायरेक्ट सीडेड राइस और आधुनिक कृषि पद्धतियों को गांव स्तर तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।

साथ ही “वन डिस्ट्रिक्ट वन एरोमेटिक राइस वैरायटी” के तहत निर्यात योग्य सुगंधित धान उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।