कोरबा।छत्तीसगढ़ दिव्यांग शासकीय अधिकारी/कर्मचारी संघ की कोरबा इकाई ने दिव्यांगजनों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र प्रेषित कर वर्तमान में लागू 21 प्रकार की दिव्यांगता श्रेणियों पर पुनर्विचार की मांग की है।
संघ के जिला अध्यक्ष प्रकाश खाकसे ने पत्र में उल्लेख किया है कि पूर्व में मान्य सात मूल श्रेणियां अस्थि बाधित, श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित, वाक/मुख बाधित, कुष्ठ रोग से ग्रसित, मानसिक रूप से ग्रसित एवं बहु-बाधित के आधार पर शासकीय योजनाएं, आरक्षण एवं अन्य लाभ प्रभावी रूप से लागू किए जा रहे थे।
उन्होंने कहा कि 21 श्रेणियों की व्यवस्था लागू होने के बाद वास्तविक दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ का आरोप है कि विस्तारित श्रेणियों के कारण प्रशासनिक जटिलताएं बढ़ी हैं तथा कई पात्र दिव्यांगजन लाभ से वंचित हो रहे हैं, जिससे योजनाओं का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।
संघ ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दिव्यांगजनों के हित में श्रेणियों की समीक्षा कर पूर्व की सात मूल श्रेणियों को यथावत रखा जाए, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक सुगमता से पहुंच सके।
Editor – Niraj Jaiswal
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