बेटे की गिरफ्तारी के सदमे में मां की मौत, एसपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन; आरोपी को मिली पैरोल

कोरबा। मानिकपुर चौकी क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री के आरोप में युवक की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां की कथित तौर पर सदमे में मौत हो जाने से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। परिजनों का आरोप है कि बेटे गोविंदा उर्फ अरुण श्रीवास की गिरफ्तारी का आघात मां सावित्री श्रीवास सहन नहीं कर सकीं और इसी सदमे में उनका निधन हो गया।

घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग आक्रोशित होकर कोरबा के एसपी कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने युवक को तत्काल रिहा करने की मांग की। विरोध के दौरान एसपी कार्यालय के सामने सड़क पर जाम जैसी स्थिति बन गई, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों और आक्रोशित लोगों के बीच तीखी बहस भी हुई। मौके पर पहुंचे सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने लोगों को समझाइश देते हुए बताया कि अरुण श्रीवास की गिरफ्तारी विधिसम्मत कार्रवाई के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि सावित्री श्रीवास की मृत्यु के संबंध में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

मानवीय आधार पर पुलिस ने सीजेएम न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय से पैरोल की अनुमति मिलने के बाद युवक को जेल से रिहा कर कड़ी सुरक्षा के बीच उसकी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने दिया गया। इस दौरान संबंधित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।

हालांकि पूरे घटनाक्रम के बाद मानिकपुर चौकी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पूर्व में भी कई बार विवाद और तनाव की स्थिति निर्मित हो चुकी है। कुछ मामलों में आबकारी अमले के साथ ग्रामीणों की झड़प और बंधक बनाने जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिनमें पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था।

फिलहाल मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।