कोरबा।छत्तीसगढ़ राज्य बिजली वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के अंतर्गत कार्यरत ठेका कर्मियों की ईपीएफ से जुड़ी समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। बार-बार मामला उठने के बावजूद समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे कर्मियों में भारी असंतोष है।
ठेका कर्मी कल्याण संघ द्वारा वितरण कंपनी के कटघोरा एवं कोरबा ईस्ट डिविजन के कार्यपालन अभियंताओं (डीई) को पत्र सौंपकर पूछा गया है कि कर्मियों की ईपीएफ राशि आखिर कहां है और इसे जमा कराने की जिम्मेदारी किसकी है।
संघ के अनुसार जनवरी और फरवरी 2024 में एक निजी ठेका कंपनी द्वारा वेतन भुगतान किया गया था, लेकिन उस अवधि की ईपीएफ राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद मार्च 2024 से दिसंबर 2024 तक करीब 10 महीनों तक विभाग द्वारा कर्मियों के वेतन से ईपीएफ व ईएसआईसी की राशि काटी गई, लेकिन उसे भी संबंधित खातों में जमा नहीं कराया गया।
कोरबा शहर संभाग, कोरबा ग्रामीण डिविजन और कटघोरा डिविजन में अलग-अलग अवधि की ईपीएफ राशि जमा कराने को लेकर विभाग को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया, लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो किसी कर्मचारी का यूएएन/मेंबर आईडी जनरेट किया गया और न ही राशि जमा हुई। जबकि कर्मियों के बैंक खाते, आधार और पैन कार्ड की प्रतियां समय पर विभाग को सौंप दी गई थीं।
ईपीएफ जमा न होने के कारण कर्मियों को कई तरह की प्रशासनिक और व्यक्तिगत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे मानसिक रूप से भी चिंतित हैं।
छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग ठेका कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ललित किशोर बरेठ ने कार्यपालन अभियंताओं को भेजे पत्र में चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर कर्मियों के यूएएन खातों में ईपीएफ की राशि जमा नहीं कराई गई, तो जिले के सभी विद्युत उपकेंद्रों के ऑपरेटर सामूहिक हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हड़ताल की स्थिति में उत्पन्न होने वाली अव्यवस्था की जिम्मेदारी पूरी तरह विभागीय अधिकारियों की होगी।
5 से 10 लाख रुपए का बकाया
संघ जिलाध्यक्ष ललित किशोर बरेठ ने बताया कि अकेले कोरबा जिले में ही 297 ठेका कर्मी बिजली सर्विस स्टेशनों में कार्यरत हैं, जिनकी ईपीएफ की राशि लगभग 5 से 10 लाख रुपए बकाया है। यही ठेका कंपनी शक्ति और जांजगीर-चांपा जिले में भी कार्यरत है, जहां कर्मियों को इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
बार-बार खड़ी हो रही समस्याएं बिजली उपकेंद्रों में तकनीकी और संधारण कार्य करने वाले ठेका कर्मियों को कभी वेतन तो कभी ईपीएफ और अन्य भुगतान को लेकर लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग के जरिए कार्य कराए जाते हैं और टेंडर की शर्तें स्पष्ट होने के बावजूद काम शुरू होने के बाद ठेका कंपनियों के रवैये से कर्मी परेशान हो जाते हैं।
त्योहारी सीजन में पहले भी वेतन और बोनस की मांग को लेकर कर्मियों ने काम बंद किया था, तब जाकर समस्या का समाधान हुआ। अब एक बार फिर हड़ताल की चेतावनी के बाद प्रबंधन क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
Editor – Niraj Jaiswal
Mobile – 9754876042
Email – urjadhaninewskorba@gmail.com
Address – Press Complex, T.P. Nagar, Korba C.G. 495677
















