कोरबा पर कबाड़ माफिया और चोरों की नजर, ढाई लाख के केबल चोरी, विद्युत व रेल परियोजनाएं भी निशाने पर

कोरबा।कोरबा जिला इन दिनों संगठित चोर गिरोहों और अवैध कबाड़ माफिया की गतिविधियों का गढ़ बनता जा रहा है। घरों और मोटरसाइकिलों की चोरी के बाद अब चोरों ने सरकारी और अर्धसरकारी परियोजनाओं को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।

विद्युत आपूर्ति से जुड़े एल्युमिनियम केबल, तार, यहां तक कि निर्माणाधीन रेल परियोजना की पटरियां तक चोरी हो रही हैं।

ताजा मामले में अलग-अलग थाना क्षेत्रों से लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य के एल्युमिनियम केबल और तार चोरी किए गए हैं। वहीं बांकीमोंगरा क्षेत्र में निर्माणाधीन रेल लाइन से आधुनिक गैस कटर की मदद से रेल पटरी काटकर ले जाने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, माँ वैष्णव ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर जगदीश प्रसाद द्वारा ग्राम लबेद में आरडीएसएस योजना अंतर्गत एबी केबल कन्वर्जन का कार्य किया गया था। कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम लबेद–सक्ती मेन रोड स्थित कंपनी के गोदाम से 26 जनवरी की रात अज्ञात चोरों ने करीब 400 मीटर एल्युमिनियम केबल और 400 किलो एल्युमिनियम तार चोरी कर लिया, जिसकी कुल कीमत 2 लाख 13 हजार 400 रुपये बताई जा रही है। इस मामले में थाना उरगा में बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

इसी तरह हरदीबाजार थाना क्षेत्र में एलटी केबल चोरी की पूर्व की घटनाएं अब तक अनसुलझी हैं। ग्राम बोईदा क्षेत्र से 70 एमएम एलटी केबल के ड्रम और लगभग 300 मीटर केबल चोरी हो चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत 42 हजार रुपये है। इस मामले में भी पुलिस को अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है।

सबसे गंभीर मामला बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र का है, जहां गेवरा–पेंड्रा रोड रेल लाइन विस्तार परियोजना के दौरान अज्ञात बदमाशों ने भारी वाहनों और गैस कटर की मदद से रेल पटरियां और लोहे के ढांचे काटकर चोरी कर लिए। मौके पर खड़ी हाइड्रा मशीन का शीशा भी तोड़ा गया, जिससे साफ है कि बदमाश पूरी तैयारी और बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, जिले में किसी संगठित गिरोह की सक्रियता बनी हुई है, जो स्थानीय चोरों की मदद से चोरी का सामान जिले की सीमा पार पड़ोसी जिलों में खपा रहा है। सरहदी और आउटर इलाकों में नियमित वाहन जांच और निगरानी की कमी का पूरा फायदा उठाया जा रहा है।

लगातार हो रही इन वारदातों के बीच यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि आखिर चोरी करने वाले तो पकड़े जा रहे हैं, लेकिन चोरी का माल खरीदने और खपाने वाले कबाड़ी अब तक कानून की पकड़ से बाहर क्यों हैं।

जानकारों का कहना है कि अवैध कबाड़ कारोबारियों पर एंड-टू-एंड सख्त कार्रवाई किए बिना इन घटनाओं पर लगाम लगना मुश्किल है।