गणतंत्र दिवस पर पैंगोलिन संरक्षण की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र, कोरबा वन मंडल को मिला द्वितीय पुरस्कार

कोरबा। 26 जनवरी 2026  गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में कोरबा वन मंडल द्वारा प्रस्तुत भारतीय पैंगोलिन (Indian Pangolin/कहट) संरक्षण पर आधारित जागरूकता झांकी ने जनमानस का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

इस झांकी के माध्यम से आम नागरिकों को भारतीय पैंगोलिन के महत्व, उसके पारिस्थितिक योगदान, अवैध शिकार, गैरकानूनी व्यापार और वर्तमान खतरों के प्रति प्रभावी संदेश दिया गया।

कटघोरा एवं कोरबा वन मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार की गई इस झांकी में वन विभाग के मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी रही। झांकी का मुख्य उद्देश्य यह बताना था कि भारतीय पैंगोलिन एक संरक्षित एवं संकटग्रस्त वन्यजीव है, जिसकी तस्करी और अवैध शिकार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।

झांकी में पैंगोलिन के प्राकृतिक आवास, उसकी विशिष्ट शल्क (स्केल्स), कीट नियंत्रण में उसकी अहम भूमिका तथा मानव गतिविधियों से उत्पन्न खतरों को रचनात्मक और शैक्षणिक ढंग से दर्शाया गया। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि वन्यजीवों का संरक्षण ही जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला है।

गणतंत्र दिवस परेड में भी कोरबा वन मंडल की सहभागिता सराहनीय रही। परेड में शामिल वन रक्षकों ने अनुशासन और समर्पण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके लिए कोरबा वन मंडल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस वर्ष वन विभाग को दो ट्रॉफी मिलना डीएफओ प्रेमलता यादव एवं निशांत कुमार के कुशल मार्गदर्शन तथा एसडीओ आशीष खेलवार एवं सूर्यकांत सोनी की निगरानी का परिणाम रहा।

वहीं कोरबा रेंजर मृतुंजय शर्मा, कमलेश कुम्हार, अर्जुन कंवर, जितेंद्र सारथी, सिद्धांत जैन सहित पूरी टीम की कड़ी मेहनत से कुछ ही दिनों में पैंगोलिन संरक्षण झांकी तैयार की गई।

प्रोफेशनल परेड में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने के लिए लगातार रिहर्सल भी की गई, जो पूरी तरह सफल रही।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए कोरबा वन मंडल के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।