कोरबा। नगर सेना विभाग में कथित मनमानी, भ्रष्टाचार और प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाना एक नगर सैनिक को इतना महंगा पड़ा कि उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ा और आखिरकार उसने मौत का रास्ता चुन लिया। गणतंत्र दिवस की सुबह नगर सैनिक संतोष पटेल ने कलेक्ट्रेट परिसर में कीटनाशक का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका गहन उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है, लेकिन इस घटना ने पूरे सिस्टम में व्याप्त दुरावस्था और दमनकारी रवैये को उजागर कर दिया है।
बताया जा रहा है कि संतोष पटेल ने विभाग में हो रही कथित अनियमितताओं, कमीशनखोरी और मनमानियों की शिकायत की थी। न्याय की मांग करना ही उसके लिए “अपराध” बन गया और उसे नगर सैनिक पद से बर्खास्त कर दिया गया। बूढ़े माता-पिता, पत्नी और तीन बच्चों की जिम्मेदारी तथा आजीविका की चिंता ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
नगर सैनिकों का फूटा गुस्सा, धरना-प्रदर्शन
घटना के बाद नाराज नगर सैनिकों ने जिला सेनानी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। हाथों में तख्तियां लिए जवानों ने संतोष पटेल की तत्काल बहाली, दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और न्याय की मांग की। उनका साफ कहना है कि जब तक साथी को न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।

धरने के दौरान पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, पूर्व महापौर राजकिशोर प्रसाद और जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) मुकेश राठौर मौके पर पहुंचे और नगर सैनिकों को समर्थन दिया। नेताओं ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
जिला सेनानी हटाए गए, लेकिन सवाल बरकरार
घटनाक्रम के बीच कोरबा के जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी अनुज कुमार एक्का को कोरबा से हटाकर रायपुर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। 27 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार उन्हें 28 जनवरी से रायपुर स्थित नगर सेना माना कैंप के केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में उन्हें नगर सैनिकों के एडवांस और लीडरशिप कोर्स संचालन की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कोरबा जिले का अतिरिक्त प्रभार जांजगीर-चांपा की जिला सेनानी योग्यता साहू को सौंपा गया है।
हालांकि, जहर सेवन की घटना के बाद यह कार्रवाई सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या यह केवल प्रशिक्षण के नाम पर अटैचमेंट है या फिर आत्महत्या के प्रयास के मामले में आगे किसी ठोस कार्रवाई की भूमिका तैयार की जा रही है?
सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
जहर सेवन से पहले लिखे नोट में संतोष पटेल ने नगर सेना के डिविजनल कमांडेंट और कोरबा कमांडेंट पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उसने लिखा है कि लगातार दबाव और उत्पीड़न ने उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही महिला नगर सैनिकों ने भी प्रताड़ना को लेकर आंदोलन किया था, जिससे विभाग में असंतोष की स्थिति पहले से बनी हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या संतोष पटेल की बर्खास्तगी रद्द कर उसे दोबारा नौकरी मिलेगी, क्या दोषी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होगी, या फिर यह मामला भी केवल तबादले और अटैचमेंट तक सीमित रह जाएगा।
पूरे जिले की निगाहें अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।
Editor – Niraj Jaiswal
Mobile – 9754876042
Email – urjadhaninewskorba@gmail.com
Address – Press Complex, T.P. Nagar, Korba C.G. 495677
















