उतरदा की नारी शक्ति बनी समाज परिवर्तन की मिसाल,नशामुक्ति– शिक्षा–स्वच्छता को लेकर महिलाओं का जनआंदोलन

कोरबा।जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उतरदा में महिलाओं ने सामाजिक बदलाव की नई इबारत लिख दी है। दाऊ महिला समिति के नेतृत्व में ग्राम की नारी शक्ति ने नशामुक्ति, शिक्षा और स्वच्छता को लेकर ऐसा जनआंदोलन खड़ा किया है, जो पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया कि संगठित होकर किए गए प्रयास समाज की गहरी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

दाऊ महिला समिति ने ग्राम में संपूर्ण नशाबंदी को लेकर ठोस पहल करते हुए नशा करने वालों पर सामाजिक व आर्थिक दंड का प्रावधान तय किया है। इसके माध्यम से महिलाओं ने स्पष्ट संदेश दिया कि गांव का भविष्य नशे की गिरफ्त में नहीं जाने दिया जाएगा।

अभियान के तहत समिति की लगभग 300 महिला सदस्यों ने स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय, उतरदा पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया।

महिलाओं ने शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए विद्यार्थियों को नशा, धूम्रपान और मोबाइल की लत से दूर रहने की समझाइश दी। इस दौरान नशा व धूम्रपान से होने वाले शारीरिक व मानसिक दुष्परिणामों पर खुलकर चर्चा की गई। साथ ही मोबाइल के अनावश्यक उपयोग से बचने, विद्यालय परिसर की नियमित सफाई, स्वच्छ वातावरण और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में दाऊ महिला समिति उतरदा की लगभग 300 महिलाएं मौजूद रहीं। समिति की अगुवाई अध्यक्ष कमलेश जगत, सचिव सरोजिनी यादव, कोषाध्यक्ष धरमत मरावी एवं लेखपाल माहेश्वरी मरावी ने की। इस अवसर पर सक्रिय सदस्य खगेश्वरी नेताम, टांकेश्वरी, मीना जगत, कलावती, दुर्गा मरकाम, अनीता केवट सहित बड़ी संख्या में महिला सदस्य उपस्थित थीं।

महिलाओं के इस संगठित प्रयास से ग्राम उतरदा सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त पहचान के रूप में उभर रहा है।