लाइन परिचारकों को बड़ी सौगात: मानदेय में 33% बढ़ोतरी, अब 19,366 रुपये प्रतिमाह और पेट्रोल भत्ता भी मिलेगा

कोरबा। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने संविदा पर कार्यरत लाइन परिचारकों के हित में दो बड़े फैसले लेते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है। कंपनी ने जहां उनके मानदेय में लगभग 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, वहीं नियुक्ति आदेश में उल्लेखित 10 वर्ष की संविदा अवधि के बाद सेवा समाप्ति की बाध्यता को भी समाप्त कर दिया है। इस संबंध में ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) कार्यालय से आदेश जारी कर दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार अब संविदा लाइन परिचारकों का मूल मानदेय 15,600 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके साथ उन्हें 5 प्रतिशत मैदानी भत्ता एवं अनुभव के आधार पर विशेष भत्ता प्रतिमाह प्रदान किया जाएगा। यह विशेष भत्ता तीन वर्ष से सात वर्ष तक के अनुभव के आधार पर चार स्लैब में देय होगा। अब तक लाइन परिचारकों को 14,645 रुपये प्रतिमाह फिक्स मानदेय मिल रहा था, जिसे बढ़ाकर 19,366 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। इस तरह उनके मासिक मानदेय में 4,721 रुपये की सीधी बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी ने संविदा नियुक्ति के समय जारी आदेश में 10 वर्ष बाद सेवा समाप्ति की शर्त को भी समाप्त कर दिया है। अब आवश्यकता एवं कार्य मूल्यांकन में उपयुक्त पाए जाने पर संविदा सेवा अवधि को एक-एक वर्ष के स्लैब में बढ़ाया जा सकेगा।

अनुभव की गणना प्रथम नियुक्ति आदेश की ज्वाइनिंग तिथि से की जाएगी। यह दोनों फैसले ट्रांसमिशन कंपनी और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के संविदा लाइन परिचारकों को समान रूप से लागू होंगे। नई मानदेय व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगी।

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार अंशदान लिया जाएगा, जिसमें नियुक्ता का अंशदान भी नियमानुसार देय होगा।

सबसे अहम पहलू यह है कि लाइन परिचारकों को पहली बार 800 रुपये प्रतिमाह पेट्रोल भत्ता देने का प्रावधान किया गया है। फील्ड में कार्य करने वाले कर्मचारियों को रोजाना विभिन्न स्थानों पर जाना पड़ता है, ऐसे में पेट्रोल भत्ता मिलने से उनके आवागमन खर्च में सीधी राहत मिलेगी।

इस निर्णय का विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने स्वागत करते हुए कहा है कि यह कदम लाइन परिचारकों की जिम्मेदारियों और जोखिमपूर्ण कार्य परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया सकारात्मक फैसला है, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा।