नई श्रम संहिता के विरोध में एटक 12 फरवरी को करेगी एक दिवसीय हड़ताल

कोरबा। केन्द्र सरकार द्वारा लागू की गई नई श्रम संहिता के विरोध में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) ने 12 फरवरी को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल करने का निर्णय लिया है। यह फैसला बालकोनगर स्थित एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन कार्यालय में आयोजित बैठक में लिया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए एटक के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2014 से ही केन्द्र सरकार श्रम कानूनों में बदलाव का प्रयास कर रही थी। किसान आंदोलन और अन्य जनआंदोलनों के चलते यह प्रक्रिया कुछ समय तक टलती रही, लेकिन अब सरकार ने नई श्रम नीति को लागू कर दिया है।

एटक महासचिव सुनील सिंह ने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों को दरकिनार करते हुए नई श्रम संहिता लाई गई है, जिससे श्रमिक वर्ग को सीधा नुकसान होगा।

उन्होंने कहा कि नई श्रम नीति के विरोध में देशभर में ट्रेड यूनियनें प्रदर्शन और हड़ताल की तैयारी कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव हरिनाथ सिंह सहित अन्य नेताओं ने भी केन्द्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सत्ता में आने से पहले भाजपा ने महंगाई कम करने सहित कई वादे किए थे, लेकिन आज स्थिति इसके विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वालों को जेल भेजा जा रहा है, जिससे आम लोग अपनी आवाज उठाने से डर रहे हैं।

बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष एस.के. सिंह, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, संतोषी बरेठ, मन्नुलाल लाठियां, अनूप सिंह, प्रभाकांत पांडे, रंजीत भारती, विजय लक्ष्मी चौहान सहित बड़ी संख्या में एटक के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।