बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारियों के फरार होने पर प्रशासन सख्त, सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश

कोरबा। कोहडि़या स्थित बाल संप्रेक्षण गृह पिछले कुछ महीनों से लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। यहां से बार-बार अपचारियों के फरार होने की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि पुलिस द्वारा बाद में अपचारियों की धरपकड़ कर ली जाती है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है।

मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सुरक्षा की दृष्टि से बाउंड्रीवाल की ऊंचाई बढ़ाई जाए तथा आवश्यकता के अनुसार अन्य आधारभूत सुविधाओं को भी सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए विभाग को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए गए।

बैठक में शिक्षा विभाग से स्कूली विद्यार्थियों के अपार आईडी निर्माण की प्रगति की जानकारी ली गई और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कलेक्टर ने सभी विभागों में समाप्त हो चुकी योजनाओं के अंतर्गत संचालित बैंक खातों को नियमानुसार बंद करने को कहा।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्यों में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से कार्यालयों में आधार-फेस आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू की गई है, जिसका सकारात्मक प्रभाव दिखना चाहिए।

लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में सभी विभागों के समय-सीमा लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीजीएन जनशिकायत, मानव अधिकार आयोग एवं कलेक्टर जनदर्शन से जुड़े लंबित मामलों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

इस अवसर पर निगम आयुक्त कोरबा आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग,एसडीएम कटघोरा तन्मय खन्ना,अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल सहित सभी एसडीएम, नगरीय निकायों के सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।