कोरबा। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के मदनपुर घाट में ट्रेलर दुर्घटना के बाद घंटों तक आवागमन बाधित रहने और यात्रियों को परेशानी होने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क से जाम हटाने के लिए अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ न्यायालय कटघोरा में परिवाद दायर किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही और आवश्यक सहयोग नहीं करने वाली संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दो ट्रेलरों की टक्कर से बाधित हुआ आवागमन
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 2:30 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के मदनपुर घाट में ट्रेलर क्रमांक सीजी-10बीएस-5980 खराब होने के कारण सड़क पर खड़ा था। इसी दौरान तारा घाटी की ओर जा रहे ट्रेलर क्रमांक सीजी-10बीएस-9436 के चालक ने कथित तौर पर लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए खड़े ट्रेलर को टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन बाधित हो गया।
जाम में मरीजों से लेकर महिलाएं और बच्चे तक फंसे
मार्ग पर जाम लगने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बसों में सफर कर रहे यात्री, एंबुलेंस से अस्पताल जा रहे मरीज तथा ट्रेन और हवाई यात्रा के लिए निकले लोग घंटों तक फंसे रहे। महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन बाधित होने से स्थिति गंभीर हो गई और जाम हटाने के लिए पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, एनएचएआई पर सहयोग नहीं करने का आरोप
जाम की सूचना मिलने पर थाना बांगो और पुलिस चौकी मोरगा की टीम, हाईवे पेट्रोलिंग तथा डायल 112 के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल कराने का प्रयास किया। इस दौरान एनएचएआई के अधिकारियों को भी सूचना देकर आवश्यक सहायता मांगी गई। हालांकि, पुलिस का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद एनएचएआई की ओर से समय पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। इसके चलते जाम की स्थिति से निपटने में परेशानी हुई और यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
बीएनएस की धारा 222(ए) के तहत न्यायालय में परिवाद
पुलिस के अनुसार, एनएचएआई के संबंधित अधिकारियों पर अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने और आवश्यक सहायता उपलब्ध नहीं कराने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 222(ए) के तहत न्यायालय कटघोरा में परिवाद दायर किया गया है। पुलिस ने यह भी कहा है कि भविष्य में कर्तव्य निर्वहन के दौरान सहयोग नहीं करने वाली संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं के दौरान राहत और यातायात बहाली के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए समय पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
Editor – Niraj Jaiswal
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