विश्व आर्थराइटिस दिवस पर शिविर, 167 मरीजों की जांच कर दिया परामर्श

आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से उपचार की सुविधा, विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की दी सलाह

कोरबा।विश्व आर्थराइटिस दिवस के अवसर पर स्वस्थ भारत समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत ‘चलो आयुर्वेद की ओर’ मिशन के तहत नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। निहारिका रोड स्थित पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय में आयोजित शिविर में 167 मरीजों ने स्वास्थ्य जांच, चिकित्सा परामर्श और उपचार संबंधी सेवाओं का लाभ लिया। शिविर में अस्थि खनिज घनत्व और रक्त शर्करा की नि:शुल्क जांच के साथ विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया।

शिविर का आयोजन लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, आरोग्य भारती, भारत विकास परिषद, विश्व हिंदू परिषद और आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

इसमें आयुर्वेद, योग, नेचुरोपैथी, पंचकर्म, षटकर्म एवं ग्रह चिकित्सा से संबंधित परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। शिविर में पहुंचे मरीजों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए नियमित जांच और संतुलित जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने दिनचर्या और खानपान पर दिया जोर
शिविर में छत्तीसगढ़ के अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा, नाड़ीवैद्या डॉ. वागेश्वरी शर्मा और नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने अपनी सेवाएं दीं। विशेषज्ञों ने मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझते हुए आवश्यक परामर्श प्रदान किया।

डॉ.नागेंद्र नारायण शर्मा ने कहा कि अपच, कब्ज, शारीरिक श्रम की कमी तथा कैल्शियम, आयरन और विटामिन की कमी जैसी समस्याएं स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।

उन्होंने लोगों को नियमित दिनचर्या अपनाने, संतुलित एवं पोषक आहार लेने और किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने स्वस्थ रहने के लिए खानपान और दैनिक गतिविधियों में अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

शिविर में पंचकर्म तकनीशियन पिंकी बरेठ, शैल कुमारी निषाद, श्री शिव औषधालय की संचालिका प्रतिभा शर्मा, लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट के निदेशक शिव जायसवाल, उपाध्यक्ष गजेंद्र राठौड़,सचिव प्रत्युष सक्सेना और कोषाध्यक्ष सुधीर सक्सेना सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं सहयोगी उपस्थित रहे। आयोजन में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।