बीच सत्र में मानदेय शिक्षकों को हटाने पर नाराजगी,किया प्रदर्शन

कोरबा। जिले के विभिन्न शासकीय स्कूलों में मानदेय के आधार पर कार्यरत शिक्षकों को शिक्षण सत्र के बीच में हटाए जाने का मामला सामने आया है। कई महीने तक सेवाएं लेने के बाद काम से अलग किए जाने से प्रभावित शिक्षकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस कार्रवाई से नाराज शिक्षकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक स्कूलों में अपनी सेवाएं दीं, लेकिन शिक्षण सत्र के बीच में ही उन्हें काम से हटा दिया गया। इससे उनकी आजीविका प्रभावित हुई है और भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि बीच सत्र में इस तरह हटाए जाने से उन्हें आर्थिक परेशानियों के साथ सामाजिक स्तर पर भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की उठाई मांग

प्रभावित शिक्षकों ने मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को हटाने के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लंबे समय तक काम लेने के बाद उन्हें इस तरह छोड़ देना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की।

शिक्षकों ने रोजगार की अनिश्चितता और सामाजिक सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की बात कही। उनका कहना है कि शिक्षण सत्र के बीच में काम छिन जाने से उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की चुनौती खड़ी हो गई है।

अब प्रभावित शिक्षकों की मांगों पर प्रशासन और शासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी नजर है।