सुमेर सिंह केस का धान खरीदी से कोई संबंध नहीं, जांच में खुलासा : प्रशासन

कोरबा | हरदीबाजार तहसील के कोरबी पुटा निवासी किसान सुमेर सिंह द्वारा आत्महत्या के प्रयास के मामले में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना का धान खरीदी या धान विक्रय में किसी तरह की परेशानी से कोई लेना-देना नहीं है। प्रशासन की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि संबंधित किसान की जमीन पर खरीफ सीजन 2026 में धान की फसल बोई ही नहीं गई थी।

जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल जांच कराई और रिपोर्ट सार्वजनिक की। एसडीएम पाली रोहित सिंह ने बताया कि सुमेर सिंह के नाम ग्राम पूटा, तहसील हरदीबाजार में कुल दो खसरा नंबरों में 1.517 हेक्टेयर भूमि दर्ज है।

प्रशासनिक टीम ने अपर कलेक्टर (प्रभारी भू-अभिलेख), डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, हल्का पटवारी, ग्राम सरपंच, उपसरपंच एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में मौके पर भूमि का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान तैयार पंचनामा और फोटोग्राफ्स से स्पष्ट हुआ कि खरीफ मौसम के दौरान उक्त भूमि पर धान या किसी अन्य फसल की खेती नहीं की गई थी।

सरपंच, उपसरपंच और ग्रामीणों ने भी इसकी पुष्टि की है।

प्रशासन का कहना है कि जांच में धान विक्रय से जुड़ी किसी भी समस्या का कोई आधार नहीं मिला है और किसान द्वारा उठाया गया आत्मघाती कदम धान खरीदी से संबंधित नहीं पाया गया।