सराईपाली खदान में ठेका मजदूरों का धरना: पुरानी कंपनी के कर्मचारियों की पूर्ण बहाली नहीं होने पर 5 घंटे प्रदर्शन, प्रबंधन से मिला एक महीने में मांग पूरी करने का आश्वासन

कोरबा। एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र की सराईपाली खदान में नई ठेका कंपनी द्वारा मिट्टी की परत हटाकर कोयला खनन का कार्य शुरू करने के बाद पुरानी कंपनी के सभी कर्मचारियों की बहाली नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए कोयला मजदूर पंचायत (एचएमएस से संबद्ध) के बैनर तले निकाले गए मजदूरों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारी सुबह 11 बजे से कोरबा क्षेत्र महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गए और लगभग साढ़े 5 घंटे तक अपना विरोध दर्ज कराते रहे। इस दौरान खदान का कार्य प्रभावित होने का दावा किया गया।

आंदोलन को सराईपाली खदान में कार्यरत निजी कंपनी के ठेका कर्मचारियों ने भी खुलकर समर्थन दिया।

कोयला मजदूर पंचायत के पदाधिकारियों ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रबंधन पर नाकाफी का आरोप लगाया। प्रमुख मांगों में शामिल हैं- ठेका कंपनी बदलने पर पुराने कर्मचारियों (विशेषकर वाहन चालकों और सहायकों) की पूर्ण बहाली, तय वेतन से कम मेहनताना दिए जाने पर एरियर्स सहित भुगतान, सभी ठेका कर्मचारियों को वेतन पर्ची प्रदान करना, तय फॉर्म में टाइम ऑफिस में हाजिरी लगाना, सीएमपीएफ सदस्यता बनाकर नियमित कटौती तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं।

दोपहर करीब 2:30 बजे कोयला मजदूर पंचायत के 7 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को एरिया सभाकक्ष में वार्ता के लिए बुलाया गया।

प्रतिनिधिमंडल में केन्द्रीय सचिव संजय कुमार सिंह, केन्द्रीय उपाध्यक्ष गजेन्द्र पाल सिंह तंवर, गेवरा अध्यक्ष राजन कुमार, सदस्य साहेब दास महंत, सहस राम, बसंत कुमार और देवचरण शामिल थे।

एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र महाप्रबंधक राकेश कुमार गुप्ता, एचआर प्रमुख के.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारियों से लगभग एक घंटे चली गहन वार्ता के बाद मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने और एक महीने के भीतर इन्हें पूरा करने का आश्वासन मिलने पर दोपहर 3:30 बजे धरना समाप्त कर दिया गया।

कोयला मजदूर पंचायत के केन्द्रीय उपाध्यक्ष गजेन्द्र पाल सिंह तंवर ने कहा, “ठेका कर्मियों की जायज मांगें पूरी होनी चाहिए। घंटेभर की वार्ता के बाद मिले आश्वासन पर हमने धरना खत्म किया है, लेकिन हम सतर्क रहेंगे।” उन्होंने बताया कि सराईपाली खदान में काम कर रहे निजी कंपनी के कर्मचारी भी धरने में शामिल रहे और कार्य बंद रखा।

एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र की खदानों में ठेका कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा, उचित वेतन और बहाली जैसे मुद्दे लंबे समय से उठते रहे हैं। श्रमिक संगठन लगातार पुरानी कंपनी के कर्मचारियों को यथावत रखने की मांग कर रहे हैं।

प्रबंधन के आश्वासन के बाद फिलहाल शांति बहाल हुई है, लेकिन मजदूरों का कहना है कि आश्वासन पर अमल नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन किया जाएगा।