छात्र-छात्राओं ने निकाली नशामुक्ति जागरूकता रैली: “नशा छोड़ो, स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो” का दिया संदेश

कोरबा। नशामुक्त भारत अभियान को गति देने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने के उद्देश्य से कोरबा जिले में विद्यालयीन छात्र-छात्राओं द्वारा एक भव्य नशामुक्ति जागरूकता रैली निकाली गई। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली की योजना के तहत 5 से 12 जनवरी तक चलने वाले साप्ताहिक शिविर एवं राष्ट्रीय युवा दिवस (स्वामी विवेकानंद जयंती) के अवसर पर आयोजित किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा के तत्वावधान में 9 जनवरी को आयोजित इस रैली को जिला न्यायालय परिसर से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

रैली में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सेजेस स्कूल पोड़ीबहार और निर्मला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसाबाड़ी के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर जिला न्यायालय के न्यायाधीशगण, जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्ता, शासकीय अभिभाषक, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य, न्यायालयीन कर्मचारी, समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक हरीश सक्सेना, विभिन्न स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी तथा पैरालीगल वालंटियर्स भी उपस्थित रहे।

रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए नशामुक्ति के प्रेरक स्लोगन लगाए। सबसे ज्यादा गूंजा नारा रहा – “नशा छोड़ो-स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो”।

विद्यार्थियों ने नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों के बारे में आमजन को जागरूक करते हुए लोगों से नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।

रैली जिला न्यायालय परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों से गुजरते हुए अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण परिसर में समाप्त हुई।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाना, समाज में जागरूकता फैलाना और एक स्वस्थ, सुरक्षित तथा नशामुक्त समाज का निर्माण करना था।

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों ने सभी भाग लेने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।

ऐसे आयोजन न केवल जागरूकता फैलाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं, बल्कि युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी जागृत कर रहे हैं।