कोरबा-अमगांव। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के गेवरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमगांव के रोहिदास मोहल्ला निवासी दलित परिवारों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर भेदभाव और शोषण का आरोप लगाया है। पीड़ितों का कहना है कि उनकी भूमि और संपत्तियों का अधिग्रहण किए तीन साल बीत जाने के बाद भी उन्हें मुआवजा और पुनर्वास की सुविधाएं नहीं दी गई हैं, जबकि उसी क्षेत्र के अन्य लोगों को ये सभी लाभ देकर बसाया जा चुका है।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में मूल्यांकन समिति द्वारा मकानों और संपत्तियों की नापी कर पावती दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया रोक दी गई है।
पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि मोहल्ले के अन्य प्रभावशाली लोगों को मुआवजा मिल चुका है, लेकिन कुछ चुनिंदा दलित परिवारों को जानबूझकर उनके हक से वंचित रखा गया है।
प्रभावित ग्रामीणों ने मुख्य महाप्रबंधक (CGM), SECL गेवरा को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी संपत्तियों का मुआवजा और अन्य सुविधाएं तत्काल प्रदान नहीं की गईं, तो वे उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे।
उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए SECL प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस मामले की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पाली को भी भेजी गई है।
संगठन ने दिया समर्थन
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति ने दलित परिवारों के साथ भेदभाव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आंदोलन का समर्थन किया है। समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने कहा कि अमगांव के जोरहाडबरी के 124 परिवारों के साथ पहले भी इसी तरह का भेदभाव किया जा चुका है, जहां लंबी लड़ाई के बाद सतनामी समाज के लोगों को मुआवजा दिलाया गया था। उन्होंने कहा कि अब रोहिदास मोहल्ले के लोगों के साथ SECL और प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है, जिसके खिलाफ संगठन आंदोलन करेगा।
Editor – Niraj Jaiswal
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