दीपका क्षेत्र में CISF जवानों पर गंभीर आरोप: ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार, खदान में डीजल-कबाड़ की बड़े पैमाने पर चोरी, मिलीभगत की आशंका

कोरबा-दीपका। एसईसीएल दीपका क्षेत्र में तैनात सीआईएसएफ जवानों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर श्रमिक चौक पर आम ग्रामीणों के साथ कथित बदसलूकी और गुंडागर्दी के आरोप लग रहे हैं, तो दूसरी ओर खदान के अंदर करोड़ों की सरकारी संपत्ति की सुरक्षा में बड़ी चूक हो रही है।

श्रमिक चौक, जो रेंकी, सुवाभोड़ी, चैनपुर, हरदीबाजार सहित कई गांवों को जोड़ता है, वहां गुजरने वाले ग्रामीणों को जवानों द्वारा बेवजह रोके जाने और परेशान किए जाने की शिकायतें हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जवान अपराधियों जैसा व्यवहार करते हैं, गाली-गलौज और दुर्व्यवहार आम हो गया है। इससे आवागमन बाधित हो रहा है, जिसका असर स्कूली बच्चों, मरीजों और श्रमिकों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है।

वहीं, खदान के अंदर सुरक्षा व्यवस्था तार-तार होने के आरोप लग रहे हैं। दीपका खदान से बड़े पैमाने पर डीजल चोरी, मशीनी कबाड़, लोहे की सामग्री और कीमती उपकरणों की तस्करी जारी है। मशीनों से डीजल निकालने और कबाड़ बाहर ले जाने की घटनाएं आम चर्चा का विषय बन चुकी हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इतनी बड़ी चोरी बिना मिलीभगत के संभव नहीं। आशंका जताई जा रही है कि CISF जवानों के मौन समर्थन में ही यह गोरखधंधा चल रहा है। सुरक्षा बल पर जनता उत्पीड़न और भ्रष्टाचार के आरोप लगने से माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

जनता ने SECL प्रबंधन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि दुर्व्यवहार करने वाले जवानों पर कार्रवाई हो, चोरी की उच्चस्तरीय जांच हो और रास्ते पर आवागमन सुचारू किया जाए। चेतावनी दी गई है कि जल्द न्याय नहीं मिला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।