ऑयल पाम खेती को मिल रहा बंपर अनुदान, 200 हेक्टेयर का लक्ष्य

कोरबा। जिले में किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार ऑयल पाम (पॉम ऑयल) खेती को जोर-शोर से प्रोत्साहित कर रही है। इस दीर्घकालीन फसल में रुचि लेने वाले किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भारी अनुदान मिल रहा है।

उद्यानिकी विभाग के अनुसार, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स-ऑयल पाम योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में प्रति हेक्टेयर 1.30 लाख रुपये का अनुदान प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने प्रति हेक्टेयर 69,620 रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप अनुदान स्वीकृत किया है। यह राशि रख-रखाव, अंतरवर्ती फसल, ड्रिप सिंचाई और फेंसिंग के लिए उपयोग की जा सकेगी।

विशेष प्रावधान:

रख-रखाव: पहले के 5,250 रुपये के साथ अतिरिक्त 1,500 रुपये।

अंतरवर्ती फसल: 5,250 रुपये के साथ अतिरिक्त 5,000 रुपये।

ड्रिप सिंचाई: 14,130 रुपये।

फेंसिंग: पहली बार 54,485 रुपये प्रति हेक्टेयर।

ऑयल पाम एक लंबी अवधि की फसल है, जिसमें रोपण के चौथे वर्ष से उत्पादन शुरू होता है और लगभग 30 वर्षों तक नियमित आय प्रदान करती है। पारंपरिक तिलहनी फसलों की तुलना में इसकी तेल उत्पादन क्षमता 4 से 6 गुना अधिक है।

कोरबा जिले को इस वर्ष 200 हेक्टेयर का लक्ष्य दिया गया है। अब तक 83 किसानों ने 115 हेक्टेयर क्षेत्र में पौध रोपण किया है और अनुदान का लाभ उठाया है। इन किसानों को अब टॉप-अप सब्सिडी के साथ रख-रखाव, अंतरवर्ती फसल और फेंसिंग का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इससे फलन शुरू होने से पहले ही किसानों को आय प्राप्त होने लगेगी, जो उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएगी।

विभाग का कहना है कि यह योजना किसानों के लिए स्थायी आय का स्रोत बनेगी और खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद करेगी। इच्छुक किसान उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर योजना का लाभ ले सकते हैं।