गरीब किसान की बेटी प्रभा बनी BSF जवान,विपरीत परिस्थितियों को हराकर रची सफलता की नई इबारत

कोरबा। जिले के पाली विकासखंड के छोटे से गांव दादर (लाफा आश्रित) की 22 वर्षीय प्रभा महंत ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) में चयनित होकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

छोटे किसान सुखीदास महंत और गृहणी रामबाई की तीसरी पुत्री प्रभा ने आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बावजूद कभी हार नहीं मानी। पिता खेती के साथ-साथ मिस्त्री का काम कर परिवार चलाते हैं, लेकिन प्रभा ने कड़ी मेहनत से पढ़ाई और शारीरिक तैयारी जारी रखी।

पश्चिम बंगाल में कठिन प्रशिक्षण पूरा कर जब प्रभा गांव लौटीं, तो ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। मिठाइयां बांटकर और ढोल-नगाड़ों के साथ बधाइयां दी गईं। प्रभा की यह सफलता गांव की अन्य बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा बन गई है।

प्रभा कहती हैं, “माता-पिता के आशीर्वाद और सहयोग के साथ अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से मैंने यह मुकाम हासिल किया।

विपरीत हालातों में भी हार नहीं मानी।” पिता सुखीदास गर्व से बताते हैं कि प्रभा बचपन से मेधावी और खेलकूद में सक्रिय रही। उन्हें यकीन था कि बेटी एक दिन नाम रोशन करेगी।

यह उपलब्धि उन लाखों युवाओं के लिए संदेश है जो आर्थिक अभाव में सपनों को त्याग देते हैं। प्रभा साबित करती हैं कि मजबूत इरादे से कुछ भी असंभव नहीं। पूरे पाली क्षेत्र में उनकी चर्चा है और वे ग्रामीण बेटियों की नई मिसाल बन गई हैं।