कोरबा में तीसरी रेल लाइन के लिए अतिक्रमण हटाने की तैयारी: इंदिरानगर, फोकटपारा और इमलीछापर बस्ती में मचा हड़कंप

कोरबा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) द्वारा चांपा से गेवरा रोड के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना तेजी पकड़ रही है। इस परियोजना के तहत पुराना पवन टॉकीज ऊषा कॉम्प्लेक्स रेलवे क्रॉसिंग से हसदेव नदी पुल के बीच अतिरिक्त रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही बिजली आपूर्ति के लिए अलग सब-स्टेशन, ट्रैक से जुड़ी सुरक्षा सुविधाएं, चेतावनी बोर्ड और रखरखाव संकेतक स्थापित किए जाएंगे। कुसमुंडा के इमलीछापर क्षेत्र में ओवरब्रिज के साथ अलग रेलवे यार्ड बनाने की भी योजना है।

इस योजना से इंदिरानगर, फोकटपारा और कुसमुंडा क्षेत्र की इमलीछापर बस्ती के निवासियों में बेचैनी बढ़ गई है। पिछले ढाई महीनों से रेलवे कीओर से इन क्षेत्रों मेंअतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए जा रहे हैं, जिसमें तय समयसीमा में स्वेच्छा से कब्जा हटाने के निर्देश हैं। इससे बस्ती खाली कराने की आशंका प्रबल हो गई है।

स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रभावित लोगों को आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन स्वीकृत परियोजना और भूमि की जरूरत को देखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई टलने की उम्मीद कम है।

बस्तीवासियों ने नोटिस के बाद धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम भी किया था। पवन टॉकीज रेलवे क्रॉसिंग के पास इमलीछापर चौक में चक्काजाम के बाद प्रशासनिक आश्वासन पर आंदोलन खत्म हुआ, लेकिन विस्थापन का डर बरकरार है।

बस्तीवासियों का कहना है कि नोटिस में निर्माण कार्य की स्पष्ट जानकारी, पुनर्वास या मुआवजे का कोई जिक्र नहीं है। इससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है और लोग संदेह की नजर से बाहरी व्यक्तियों को देख रहे हैं।

एसईसीआर बिलासपुर के सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि चांपा से गेवरा रोड के बीच तीसरी और चौथी लाइन की मंजूरी रेलवे बोर्ड से मिल चुकी है। उरगा से गेवरा रोड तक तीसरी लाइन पूरी हो चुकी है, जबकि चौथी लाइन और संबंधित सुविधाओं के लिए भूमि खाली कराना आवश्यक है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कभी भी शुरू हो सकती है।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, नई लाइन पर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाएं मजबूत की जाएंगी, जिससे कोयला परिवहन और यात्री सुविधाओं में सुधार होगा। हालांकि, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर अभी कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है।