कोरबा। शिक्षा व्यक्ति के बौद्धिक विकास का माध्यम होने के साथ-साथ समाज को जागरूक, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाने का मजबूत आधार है। इसलिए कोरबा जिले के सुदूर और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। यह बात अशासकीय विद्यालय प्रबंधक संघ की कोरबा जिला इकाई के अध्यक्ष अक्षय दुबे ने कही।
अक्षय दुबे ने कहा कि जिले में शिक्षा के क्षेत्र में कई सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं, लेकिन ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना अभी भी बड़ी चुनौती है। शिक्षा को शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि गांव-गांव तक पहुंचाना चाहिए ताकि वहां के बच्चे भी समान अवसर प्राप्त कर सकें।
एक निजी विद्यालय का संचालन करने वाले अक्षय दुबे का मानना है कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान या डिग्री काफी नहीं है। बदलते समय में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण की सबसे ज्यादा जरूरत है। विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा दी जानी चाहिए जिससे वे आत्मनिर्भर बनें और खुद रोजगार के अवसर सृजित कर सकें।
उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक अनुभव आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में सफलता की कुंजी है।
यदि शिक्षा को उद्योगों, तकनीक और स्थानीय जरूरतों से जोड़ा जाए तो युवाओं को रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा।
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