जल-जंगल-जमीन के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई: कोलगा में सांसद ज्योत्सना महंत का सरकार पर तीखा हमला

कोरबा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने रामपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोलगा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की प्रतिबद्धता जताई।

सांसद महंत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि हसदेव जंगल बचाओ आंदोलन से जुड़े ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो कांग्रेस पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी और विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ का ढोंग चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ हसदेव जैसे समृद्ध जंगलों के लाखों पेड़ काटे जा रहे हैं। इसे ‘हिटलर राज’ करार देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की जमीन पर कब्जा और मनमानी अब सहन नहीं की जाएगी।

जनसभा में ग्रामीणों के बीच पहुंची सांसद महंत ने इसे व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, बल्कि सामाजिक धर्मयुद्ध बताया।

डीएफओ से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने सभी एफआईआर बिना शर्त वापस लेने की मांग की। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “ग्रामीणों को डरने की जरूरत नहीं। अब अगर कोई गिरफ्तारी या एफआईआर होगी, तो पहले मुझ पर और विधायक फूलसिंह राठिया पर होगी।”

प्रेम और अहिंसा का संदेश देते हुए सांसद ने कहा कि जैसे महात्मा गांधी ने अंग्रेजों को अहिंसा से भगाया था, उसी तरह हम भी प्रेमपूर्वक लेकिन दृढ़ता से इनको भगाएंगे। उन्होंने संकल्प लिया कि प्रकृति का नुकसान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कार्यक्रम में रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया ने भी राज्य सरकार को आदिवासी विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासियों का अस्तित्व जल-जंगल-जमीन पर निर्भर है और इस पर हमला उनके जीवन पर सीधा आघात है।