एसईसीएल दीपका परियोजना के आंशिक भूमि अधिग्रहण से प्रभावित ग्राम कटकीडबरी-नवापारा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, गैर-अधिग्रहित भूमि पर लगी रोक हटाने की मांग

कोरबा। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की मेगा परियोजना गेवरा ओपनकास्ट कोयला खदान के विस्तार के तहत दीपका क्षेत्र द्वारा आंशिक रूप से प्रभावित ग्राम कटकीडबरी और नवापारा के किसानों व भू-स्वामियों को राजस्व कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्राम पंचायत नवापारा के सरपंच ओमप्रकाश सहित ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि राजस्व विभाग द्वारा इन गांवों की सभी भूमि पर लगाई गई रोक को हटाया जाए, ताकि गैर-अधिग्रहित भूमि में बटवारा, नामांतरण, ऋण पुस्तिका जारी करना, खरीदी-बिक्री, फौती दर्जीकरण और ऑनलाइन रिकॉर्ड सुधार जैसे कार्य किए जा सकें।

ज्ञापन में कहा गया है कि एसईसीएल दीपका द्वारा केवल आंशिक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें कटकीडबरी से 32.762 हेक्टेयर और नवापारा से 12.930 हेक्टेयर भूमि शामिल है। गांवों का बड़ा हिस्सा अधिग्रहण से बाहर है, लेकिन राजस्व विभाग ने पूरे क्षेत्र पर रोक लगा दी है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और दैनिक राजस्व कार्य ठप पड़े हैं।

ग्रामीणों ने आग्रह किया कि अधिग्रहण प्रक्रिया से बाहर की भूमि पर सभी राजस्व कार्यों की छूट दी जाए, ताकि वे अपनी भूमि संबंधी समस्याओं का समाधान करा सकें।

कलेक्टर से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की अपील की गई है।

यह मामला एसईसीएल की कोयला खदान विस्तार परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण विवादों की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जहां प्रभावित ग्रामीण लगातार अपनी मांगें उठा रहे हैं।