कोरबा। एसईसीएल की गेवरा खदान से प्रभावित पोंड़ी, बाहनपाठ और अमगांव गांवों के भू-विस्थापितों ने बढ़ी हुई मुआवजा राशि और वैकल्पिक रोजगार की मांग को लेकर सीजीएम कार्यालय का चार घंटे तक घेराव किया। इस दौरान अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय के अंदर ही फंस गए। किसान सभा के समर्थन से चले इस प्रदर्शन के बाद प्रबंधन ने 30 दिसंबर को बिलासपुर में उच्च स्तरीय बैठक करने का आश्वासन दिया, जिस पर घेराव समाप्त हुआ।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नरईबोध, भठोरा, भिलाई बाजार और रलिया जैसे गांवों के विस्थापितों को कंपनी सेक्रेटरी की मिनट्स 326 और निदेशक बोर्ड मीटिंग के अनुसार बढ़ी हुई मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है।
लेकिन समान धारा 9 अधिसूचना के बावजूद पोंड़ी, बाहनपाठ और अमगांव के प्रभावितों को यह लाभ नहीं मिला। प्रभावित मनोज राठौर ने बताया कि 14 साल बीत जाने के बाद भी उनका मामला लंबित है।
प्रदर्शन से परेशान प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। इसके बाद 30 दिसंबर को बिलासपुर में बैठक आयोजित करने पर सहमति बनी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बैठक में सकारात्मक परिणाम नहीं निकले तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
Editor – Niraj Jaiswal
Mobile – 9754876042
Email – urjadhaninewskorba@gmail.com
Address – Press Complex, T.P. Nagar, Korba C.G. 495677
















