कोंडागांव की बेटी योगिता मंडावी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव जिले की 14 वर्षीय जूडो खिलाड़ी योगिता मंडावी ने देश का नाम रोशन किया है। जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने योगिता को यह सम्मान प्रदान किया।

योगिता छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिका गृह, कोण्डागांव में पली-बढ़ी हैं। मात्र 4 वर्ष की उम्र में माता-पिता का साया उठ जाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। कम उम्र में ही जूडो में राज्य स्तर पर श्रेष्ठ खिलाड़ी का दर्जा हासिल किया और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीते।

वर्तमान में वे भोपाल के स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण ले रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योगिता की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए बधाई दी। उन्होंने कहा, “योगिता की सफलता छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। यह साबित करता है कि संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि लगन और मेहनत सफलता की कुंजी है। यह बाल कल्याण संस्थाओं में रहने वाले बच्चों के लिए बड़ी प्रेरणा है।”

इस पुरस्कार से देशभर के प्रतिभाशाली बच्चों को खेल, नवाचार, सामाजिक सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में सम्मानित किया गया। योगिता की कहानी विपरीत परिस्थितियों में भी सपनों को साकार करने की मिसाल है।