भू-विस्थापितों ने एसईसीएल से मांगा 20 लाख तक के ठेकों का आरक्षण, रोजगार और मुआवजे के लंबित मामलों के निराकरण की उठाई मांग

कोरबा। एसईसीएल की कोरबा और रायगढ़ क्षेत्र की परियोजनाओं से प्रभावित भू-विस्थापितों की समस्याओं को लेकर भू-विस्थापित संगठन ने कंपनी के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने डायरेक्टर (पर्सनल) बिरंचि दास और डायरेक्टर (तकनीकी-प्रोजेक्ट एण्ड प्लानिंग) रमेश चंद्र महापात्रा से विस्तृत चर्चा की तथा ज्ञापन सौंपकर लंबित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार संबंधी मामलों के शीघ्र समाधान की मांग की।

समिति ने सरईपाली-बूड़बूड़ (कोरबा क्षेत्र) और बरौद (रायगढ़ क्षेत्र) में बसाहट राशि में 3.50 लाख रुपये की वृद्धि लागू करने पर प्रबंधन का आभार जताया और इसे एसईसीएल के सभी क्षेत्रों में एक समान लागू करने की मांग रखी।

अन्य प्रमुख मांगों में हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार छोटे खातेदारों एवं भूमि अधिग्रहण के बाद जन्मे पात्र व्यक्तियों को तत्काल रोजगार देना, सभी लंबित रोजगार, बसाहट और मुआवजा प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करना शामिल है।

इसके अलावा आउटसोर्सिंग कंपनियों में प्रत्यक्ष प्रभावितों को अनिवार्य रोजगार और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने, कंपनी के 20 लाख रुपये तक के ठेका कार्यों को भू-विस्थापितों के लिए आरक्षित करने तथा चार पहिया वाहनों के सभी ठेकों में उन्हें प्राथमिकता देने की मांग उठाई गई।

महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के लिए विशेष अनुदान एवं अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

प्रबंधन के अधिकारियों ने मांगों को गंभीरता से सुना और अधिकांश बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।